कई लोगो को बार बार डकार आती है लेकिन जायदातर इसे छोटी समस्या समझके इग्नोर कर दिया जाता है लेकिन 70 फीसदी लोगो को डिप्रेशन या मुंड स्विंग की वजह से डकार की समस्या होने लगती है।
अगर इस समय पर ध्यान नहीं दिया तो व्यक्ति गहरे डिप्रेशन में जा सकता है खाना खाते वक्त डकार मारना डायनिंग एटिकेट्स के खिलाफ तो है ही साथ ही सामान्य तौर पर भी इसे अच्छा नहीं माना जाता है हालाँकि खाना खाने के बाद डकार आना सामान्य माना जाता है।
दरअसल जब खाना खाते वक्त निवालो के साथ जब हवा फ़ूड पाइप में चली जाती है यही डकार के साथ मुँह से भर निकलती है डकार की समय छोटे छोटे निवाले बनाकर खाये और खाना धीरे धीरे चबाते हुए खाये इससे खाना पचने में आसानी होगी डकार वैसे तो एक सामान्य प्रक्रिया होती है और इसे एरोफेजिया कहते हैं।
लेकिन अगर बार डकार आये तो ये स्वास्थ्य संबंधी कई गंभीर समस्याओ की तरफ गहरा संकेत है दिन में कई बार डकार आना इरिटेबल बाउल सिंड्रोम का भी इशारा हो सकता है इसमें पेट में हल्का-हल्का दर्द बना रहता है, मन में अस्थिरता, डायरिया और पॉटी करने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं इन लक्षणों को हल्के में लेने की जरूरत नहीं है।
कई बार खाना अच्छी तरह से पचता नहीं है जिस वजह से एसिडिटी होती है ये भी बार बार डकार आने का कारण होता है जिन लोगो को ये समस्या है उन्हें काफी मात्रा में हरी पत्तेदार सब्जी और सलाद का सेवन करना चाहिए इसकी वजह है इन खाद्य पदार्थों में फाइबर की मात्रा अधिक होती है खाने में इन्हें शामिल करने से पाचनतंत्र अच्छा रहता है और डकार की समस्या भी हल हो जाती है।
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